Monday, 16 November 2020

498/34

मैं गुरमीत सिंह गंभीर पिता का नाम स्वर्गीय सरदार प्यारा सिंह , मौजूदा पता सी -5/10 , सैक्टर 15, रोहिणी, दिल्ली-110089, समय सुब्य के 2:27 दिनांक 17/11/2020  
मेरी पत्नी सरदारनी सुरजीत कौर पति का नाम स. गुरमीत सिंह गंभीर, मौजूदा पता सी -5/10 , सैक्टर 15, रोहिणी, दिल्ली-110089, समय सुब्य के 2:27 दिनांक 17/11/2020 
मेरा पुत्र स. जयदीप सिंह, पिता का नाम से. गुरमीत सिंह गंभीर, मौजूदा पता सी -5/10 , सैक्टर 15, रोहिणी, दिल्ली-110089, समय सुब्य के 2:27 दिनांक 17/11/2020 
मैं अपने सोशल मीडिया के ब्लॉगर  Gambhir Says जो कि मेरा निजी ब्लॉग है से अपने परिवार सहित एक आशंका है उसे लिखित रूप में जाहिर करना चाहता हूं कि--
मेरे पुत्र जयदीप सिंह की शादी जो कि सरदारनी हरनीत कौर सपुत्री स जगजीत सिंह बग्गा पता संत गढ़ , शाहपुरा, थाना तिलक नगर दिल्ली से 6 दिसंबर 2016 को हुई थी, जो उनकी आपसी अनबन के होते घरेलू झगड़े, दहेज के आरोप प्रतारोप महिला मंडल, कीर्ति नगर दिल्ली के चलते आज चार साल की अवधि में पुलिस थाना, कोर्ट कचहरी में उलझ कर रह गई है। जिसका वर्णन रिकॉर्ड में है। इस अवधि के दौरान इनका एक लड़का भी हुआ 9 दिसंबर 2017 को। 
हम दोनों परिवार  की जानकारी में यह लड़की (बहु) इन चार सालों में तीन साल अपने मायके में ही रही। हम ससुराल वालों पर मायके वाले पक्ष ने तीन मुकदमें दर्ज करवाए। घरेलू झगड़े, दहेज की मांग, व मेन्टेन्स के जो कि तीस हजारी कोर्ट में विचाराधीन हैं।  
इसी बीच तिलक विहार चौकी से भी हम पूरे ससुराल पक्ष को बुलाया जाता रहा। पिछले दिनों तिलक विहार चौकी से हमें राजेश यादव मोबाइल नम्बर से कॉल आई कि सुबह 9 बजे मिल लें । क्योंकि हमें पहले ही आशंका थी कि गिरफ्तारी न हो जाए हमने सैशन कोर्ट से पांच दिन पहले के नोटिस के लिये अग्रिम जमानत ले रखी थी। 
मेरे (गुरमीत सिंह बीमार होने की वजह) को छोड़ कर मेरा बेटा व मेरी पत्नी वहां चौकी हाजिर हुई तो हेड कांस्टेबल राजेश ने उनसे किन्ही तीन नोटिस पर रिसीविंग के हस्ताक्षर करवा लिए । पूछने पर चेतावनी देते हुए किसी सिफारिश या वकील को न कहने के वादे के साथ एक बार फिर हम तीनों को दिनांक पर शाम 6 बजे बुलाया और 498 व 377 के किसी मामले के दर्ज व गिरफ्तारी का डर दिखा एक लाख की डिमांड रखी व कहा कि मैं आप दोनों पक्षों में बिना किसी वकील को बीच मे डाले सेटल मेन्ट करवा दूंगा। जबकि मेरी बहु ने महिला मंडल पुलिस थाना, कोर्ट तीस हजारी में वापस ससुराल आने को मना कर दिया। हुआ है व बार बार हमें बन्द करवाने की धमकी देती रही है। औऱ भी कई आरोप हैं जो उसने अपने बयान देकर हस्ताक्षर कर रखे हैं।  मरता क्या न  करता को सोच कर मैंने स्वंय राजेश HC को उसी समय दस हजार एडवांस रुपये दिए बाकी दूसरी किश्त दिवाली के बाद 19 नवम्बर को 20 हजार देने का वादा किया। 
बदले में राजेश जी ने यह 498 का मुकदमा व बाकी के तीन मुकदमे हाई कोर्ट से वापसी लेने का वादा किया कि मैं दूसरी पार्टी को जैसे तैसे मनालूँगा। पर यह नहीं बताया कि लड़की वापिस ससुराल आएगी या तलाक देकर केस वापस लेगी। जबकि तीस हजारी कोर्ट से बच्चे की कस्टडी मां के पास होने की वजय से 3000 रुपये महीना मेन्टेन्स तय किया हुआ है। 
अब हमें आशंका जाग रही है कि राजेश रिश्वत लेकर या लड़की को बिना कोर्ट पेशी के मोटी रकम दिलाकर या हमें गिरफ्तार न कर ले तो मुझे यह ब्लॉग लिखना पड़ा। दिनाक 17 नवम्बर 2020 समय 3 बजकर 10 मिंट। गुरमीत सिंह गंभीर मोबाइल नम्बर 8882505953 । 

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